Breaking News

कन्हैयालाल का गला रेत '2611' वाली बाइक से भागे थे हत्यारे, कई जगह छिपने की कोशिश

मुल्क तक न्यूज़ टीम, उदयपुर. उदयपुर के मालदास स्ट्रीट में 28 जून को टेलर कन्हैयालाल की जघन्य हत्या के बाद आरोपी मोहम्मत रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद जिस बाइक पर भाग रहे थे, उसका नंबर 2611 था जो मुंबई में आतंकी हमले की तारीख है। पकड़े जाने से पहले इस बाइक पर दोनों ने 170 किमी तक का सफर तय कर लिया था। यह जांच का विषय है कि बाइक का यह नंबर उन्होंने अतिरिक्त पैसा देकर लिया था या इत्तेफाक था।

हत्या करने के बाद दोनों बदमाशों ने उदयपुर में रहकर ही वीडियो बनाकर वायरल किया। इसके बाद वे इस बाइक पर राजसमंद होते हुए अजमेर मार्ग पर निकल गए थे। पुलिस के अलर्ट जारी करने के बाद सभी जगह नाकाबंदी शुरू कर दी गई थी। यही वजह है कि इन्होंने अपना रास्ता बदल लिया था। उदयपुर से मावली गए। वहां गांवों के रास्तों होते हुए सरदारगढ़, आमेट होते हुए देवगढ़ पहुंच गए। यहां उन्होंने एक मोटर गैराज में ठहरने का इरादा किया था, लेकिन उन्हें मदद नहीं तो दोनों तुरंत भीम के लिए रवाना हो गए।

पुलिस तकनीक के जरिए इनकी लोकेशन पर नजर रख रही थी। सभी मार्गों पर नाकाबंदी करवा दी गई। इसके बावजूद आरोपी बाइक पर भागते हुए दोनों ताल-लसाणी, सूरजपुरा चालीस मील चौराहे तक पहुंच गए। यहां भी उन्हें किसी ने शरण नहीं दी। इसके बाद गलियों से होते हुए दोनों हाइवे पर पहुंच गए। देवगढ़ और भीम थाने की पुलिस इनका पीछा कर रही थी। दोनों को भीम से दस किमी दूर आडावाणा-जस्साखेड़ा के पास पुलिस टीमों ने इनको घेर लिया। दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने पकड़ने के बाद जब इनकी बाइक का नंबर देखा तो वो भी हैरान रह गई।

मोहम्मद रियाज उदयपुर में बीस सालों के दरम्यां कई मकानों में किराए पर रहा है। अक्सर वो मकान बदलता रहा है। उसने उर्दू में लब्बैक, रसूल उल्लाह आदि नाम से व्हाट्एसएप ग्रुप बनाए थे जिस पर वो लोगों को धार्मिक व भड़काने वाले संदेश भेजता था। यह भी मालूम चला है कि हत्या वाले दिन वीडियो वायरल करने के लिए रियाज ने अपने ग्रुप में कई नंबरों को जोड़ा था।

कोई टिप्पणी नहीं