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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 13 लोगों की मौत, जानें तीर्थयात्रियों ने क्या कहा..

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बादल फटने से आई बाढ़ में तीन महिलाओं समेत 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। करीब 48 श्रद्धालु घायल और लगभग 35 लापता हैं, पांच यात्रियों को बचा लिया गया है। इस बीच कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने कर्मचारियों के सभी अवकाश (नियमित/संविदात्मक) रद कर दिए और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल स्विच आन रखने के निर्देश दिए।

गुफा के आसपास भारी बारिश के बाद एकाएक पानी के तेज बहाव के साथ आए पत्थर और भारी मात्रा में मलबे की चपेट में आकर करीब 30 शिविर और तीन लंगर स्थल तबाह हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अगले आदेश तक यात्रा रोककर सेना, पुलिस, आइटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों के साथ बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान छेड़ दिया है। घायलों को हेलीकाप्टर की मदद से अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, गांदरबल के सीएमओ, डा अफरोजा शाह ने बताया, 'अब तक, 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हमने यहां घायलों के लिए सभी इंतजाम किए हैं। अभी तक हमारे यहां कोई मरीज नहीं आया है। यहां 28 डाक्टर, 98 पैरामेडिक्स, 16 एंबुलेंस मौजूद हैं। एसडीआरएफ की टीमें भी मौजूद हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'फिलहाल सभी घायलों का तीनों बेस अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिसमें ऊपरी पवित्र गुफा, निचली पवित्र गुफा, पंजतरणी और दूसरे अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

अमरनाथ की पवित्र गुफा से सोनमर्ग के बालटाल आधार शिविर पहुंचे तीर्थयात्रियों में से एक ने अपने अनुभव बयां करते हुए कहा, 'वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई लेकिन सेना ने बहुत सहयोग किया।

अमरनाथ की पवित्र गुफा से सोनमर्ग के बालटाल आधार शिविर पहुंचे तीर्थयात्रियों में से एक ने अपने अनुभव बयां करते हुए कहा, 'वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई लेकिन सेना ने बहुत सहयोग किया।मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बादल फटने से आई बाढ़ में तीन महिलाओं समेत 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। करीब 48 श्रद्धालु घायल और लगभग 35 लापता हैं, पांच यात्रियों को बचा लिया गया है। इस बीच कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने कर्मचारियों के सभी अवकाश (नियमित/संविदात्मक) रद कर दिए और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल स्विच आन रखने के निर्देश दिए।

गुफा के आसपास भारी बारिश के बाद एकाएक पानी के तेज बहाव के साथ आए पत्थर और भारी मात्रा में मलबे की चपेट में आकर करीब 30 शिविर और तीन लंगर स्थल तबाह हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अगले आदेश तक यात्रा रोककर सेना, पुलिस, आइटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों के साथ बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान छेड़ दिया है। घायलों को हेलीकाप्टर की मदद से अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, गांदरबल के सीएमओ, डा अफरोजा शाह ने बताया, 'अब तक, 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हमने यहां घायलों के लिए सभी इंतजाम किए हैं। अभी तक हमारे यहां कोई मरीज नहीं आया है। यहां 28 डाक्टर, 98 पैरामेडिक्स, 16 एंबुलेंस मौजूद हैं। एसडीआरएफ की टीमें भी मौजूद हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'फिलहाल सभी घायलों का तीनों बेस अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिसमें ऊपरी पवित्र गुफा, निचली पवित्र गुफा, पंजतरणी और दूसरे अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

अमरनाथ की पवित्र गुफा से सोनमर्ग के बालटाल आधार शिविर पहुंचे तीर्थयात्रियों में से एक ने अपने अनुभव बयां करते हुए कहा, 'वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई लेकिन सेना ने बहुत सहयोग किया।

अमरनाथ की पवित्र गुफा से सोनमर्ग के बालटाल आधार शिविर पहुंचे तीर्थयात्रियों में से एक ने अपने अनुभव बयां करते हुए कहा, 'वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई लेकिन सेना ने बहुत सहयोग किया।

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