Breaking News

Sahjanwa Dohrighat New Rail Line: सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन पर खर्च होंगे 1319 करोड़ रुपये, 160 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

मुल्क तक न्यूज़ टीम, गोरखपुर. Sahjanwa Dohrighat New Rail Line: सहजनवां-दोहरीघाट 81 किमी लंबी नई बड़ी रेल लाइन पर भी ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। मजबूत पटरियों और डिस्टेंस सिग्नल के साथ रेल लाइन पर बिजली के तार भी बिछ जाएंगे।

Sahjanwa Dohrighat New Rail Line

मजबूत पटरियों, डिस्टेंस सिग्नल के साथ लाइन पर बिछेंगे बिजली के तार

निर्माण आरंभ करने से पहले निर्माण संगठन ने डिटेल सर्वे के लिए चिन्हित भूमि का लिडार सर्वे (लाइट डिटेक्शन एंड रैंगिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्माण संगठन ने लिडार सर्वे के लिए कंपनी भी नामित कर दी है। कंपनी मौके पर पहुंच गई है, जो चार माह में सर्वे का कार्य पूरा कर देंगी। सर्वे में एक करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लिडार सर्वे के माध्यम से भूमि का आंकलन किया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। स्टेशनों और पुलों का निर्माण होगा।

1319 करोड़ की लागत से यह महत्वाकांक्षी योजना लगभग चार साल में पूरी हो जाएगी। समय बढ़ने के साथ लागत भी बढ़ जाएगी। प्राथमिक कार्यों के लिए रेल मंत्रालय ने 20 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिया है। 17 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में सहजनवां- दोहरीघाट नई रेल लाइन को स्वीकृति दी गई थी। कैबिनेट ने 1320 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। यहां जान लें कि बाराबंकी- गोरखपुर- छपरा 425 किमी मुख्य रेल मार्ग को भी 130 से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटे के लायक बनाने की योजना है। इस रेलमार्ग पर 110 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चल रही हैं।

111 गांवों से गुजरेगी रेल लाइन, भूमि अधिग्रहण शुरू

सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन गोरखपुर और मऊ जनपद के 111 गांवों से होकर गुजरेगी। गोरखपुर के 104 गावों के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल लाइन बिछाने के लिए इन गांवों की 359 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पूर्वोत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को चिन्हित भूमि का अभिलेख सौंप दिया है। भूमि की स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेलवे प्रशासन ने सामाजिक समाघात अध्ययन करने वाली टीम गठित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है।

81 किमी लंबी रेल लाइन पर बनेंगे 12 स्टेशन

सहजनवां, पिपरौली, खजनी, उनवल, बैदौली बाबू, बासगांव, उरुवा बाजार, बनवार पार, गोला बाजार, भरौली, बड़हलगंज और दोहरीघाट।

सरयू नदी पर बनेगा 1100 मीटर लंबा पुल

बड़हलगंज और दोहरीघाट के बीच सरयू नदी पर 1100 मीटर लंबा पुल बनेगा। पुल के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके अलावा रेल लाइन पर दो उपरिगामी पुल, 15 अंडरपास, महत्वपूर्ण 11 बड़े पुल तथा 47 छोटे पुल का भी निर्माण होगा।

ऐसे होता है लिडार सर्वे

लिडार सर्वे जीपीएस आधारित ड्रोन के माध्यम से होता है। ड्रोन 75 मीटर की ऊंचाई से सेंसर के माध्यम से भूमि का निरीक्षण करता है। निरीक्षण में चिन्हित भूमि की वीडियोग्राफी हो जाती है, जिससे भूमि के नीचे की स्थित का पता चलता है।

आसान होगी वाराणसी और प्रयागराज की राह

गोरखपुर से वाराणसी और प्रयागराज की राह आसान होगी। दोहरीघाट से इंदारा के बीच आमान परिवर्तन हो रहा है। सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन बिछ जाने से गोरखपुर से मऊ, वाराणसी के रास्ते प्रयागराज तक ट्रेनें चलने लगेंगी। गोरखपुर के दक्षिणांचल के विकास का मार्ग तो खुलेगा ही समय की भी बचत होगी। करीब 10 लाख लोग रेल सेवा से जुड़ जाएंगे।

सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत लिडार तकनीकी के द्वारा विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वे के लिए एजेंसी फाइनल कर ली गई है। इस एजेंसी द्वारा वास्तविक मटेरियल की गणना करने के साथ स्टेशन यार्ड के नक्शे, एल. सेक्शन, ब्रिजों का नक्शा इत्यादि बनाने का कार्य किया जाएगा।- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे।

कोई टिप्पणी नहीं