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अग्निपथ पर PM नरेंद्र मोदी एक्टिव, आज तीनों सेना के प्रमुखों के साथ अलग-अलग बैठक

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. अग्निपथ योजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 21 जून को तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। तीनों सेना प्रमुख प्रधानमंत्री से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार पहले पीएम मोदी से मिलेंगे। आपको बता दें कि तीनों रक्षा सेवाओं ने नई सैन्य योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती शुरू करने के लिए पहले ही अधिसूचना जारी कर दी है।

सेना की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अगले महीने से आवेदकों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। सेना ने कहा कि अग्निवीर भारतीय सेना में एक अलग रैंक बनाएंगे, जो कि किसी भी अन्य मौजूदा रैंक से अलग होगा। उन्हें चार साल की सेवा अवधि के दौरान प्राप्त जानकारी का खुलासा करने से भी रोक दिया जाएगा। अग्निपथ योजना के तहत सेना का कुल 83 भर्ती अभियान अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में पूरे भारत में चलाए जाएंगे।

सैन्य मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आगजनी और हिंसा में शामिल युवा तीनों सेवाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि किसी का भी नामांकन करने से पहले पुलिस सत्यापन प्रक्रिया की जाएगी। 

सेना भर्ती के लिए अधिसूचना जारी

सेना ने सोमवार को अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना के तहत सैनिकों को शामिल करने के लिए एक अधिसूचना जारी की जिसके तहत अगले महीने आवेदकों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। सेना ने अपनी अधिसूचना में कहा कि बल की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण "www.joinindianarmy.nic.in" और "www.joinindianarmy.nic.in" पर किया जा सकता है और नए मॉडल के तहत सभी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य था।

सेना ने कहा कि 'अग्निवर' भारतीय सेना में एक अलग रैंक बनाएंगे, जो कि किसी भी अन्य मौजूदा रैंक से अलग होगा। सेना ने कहा, "अग्निवीर योजना के माध्यम से नौकरी पाए सैनिकों को समय-समय पर चिकित्सा जांच और शारीरिक और लिखित परीक्षणों से गुजरना होगा। 

अग्निपथ विरोध के चलते रेलवे ने 612 ट्रेनें रद्द कीं

रेलवे ने एक बयान में कहा कि अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना का विरोध जारी है। इसे देखते हुए सोमवार, 20 जून को 600 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। रेलवे ने एक बयान में कहा कि प्रभावित 612 ट्रेनों में से 223 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों और 379 यात्री ट्रेनों सहित 602 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। चार मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें और छह यात्री ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द कर दी गईं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पूर्व मध्य रेलवे था, जिसका मुख्यालय बिहार के हाजीपुर में है।

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