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मर चुकी गर्लफ्रेंड के घर के बाहर घूमना पड़ा महंगा, लड़की के भाइयों ने किया ये हाल

मुल्क तक न्यूज़ टीम, कानपुर. इलाके में कुछ दिनों पूर्व फांसी के फंदे पर झूलने वाली युवती के प्रेमी की शुक्रवार सुबह जमकर पिटाई की गई। युवती के भाइयों ने घर के बाहर टहलता देख उसे पीटा। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेने के बाद भाइयों पर भी कार्रवाई की बात कही तो इलाकाई लोग भड़क गए। बाद में इंस्पेक्टर ने प्रेमी युवक को हवालात ले जाकर बंद कर दिया।

बर्रा दो निवासी दया राम गौतम की 28 वर्षीय बेटी सरिता गौतम की एक वर्ष पूर्व रावतपुर रामलला गांव निवासी रवि कटियार से दोस्ती हुई थी। रवि की दो माह पूर्व शादी हो गई। 28 वर्षीया तीसरी बेटी सरिता गौतम ने शुक्रवार को हरवंश मोहाल थाना क्षेत्र के एक होटल में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने उसी शाम 6 बजे तक शव कब्जे में ले लिया था मगर पोस्टमॉर्टम रविवार की शाम को हो सका। 45 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम के बाद लाश फादर्स डे की शाम को सौंपी गई तो उनकी आंखें डबडबा गईं। ये 45 घंटे दयादास के लिए किसी एक युग की तरह गुजरे। 60 साल की उम्र में वह स्वास्थ्य विभाग का चक्कर लगाते रहे। गुहार करते रहे कि पोस्टमॉर्टम करके बेटी की लाश दे दो। 

मगर, पूरा सिस्टम ही मानवता को शर्मसार करने वाला साबित हुआ। दयादास की तीन बेटियां थीं। बड़ी बेटी बबिता गौतम की वर्ष 2008 में दहेज न मिलने के कारण हत्या हो गई थी। मझली बेटी ममता गौतम प्रसव के दौरान वर्ष 2012 में चल बसी। डॉक्टरों के जो नाम तय किए गए थे उसमें कुछ गड़बड़ी हो गई थी। नाम कुछ गलत हो गया था। इसमें भी सुधार कराते हुए शनिवार शाम साढ़े तीन बजे कागज पोस्टमॉर्टम पहुंच गए थे। इस कारण उन्हें अपनी बेटी का शव देरी से मिला।

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