Breaking News

दिल्ली में जमीन के नीचे चलेंगी कारें, ऊपर से उड़ेगा हेलीकाप्टर

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. दिल्ली में प्रगति मैदान की सुरंग सड़क तो खास है ही, इसके नवीनीकरण की योजना और भी विशेषताएं समेटे है। इससे बड़ी खासियत और क्या होगी कि प्रगति मैदान के नीचे से कारें गुजरेंगी, ऊपर से हेलीकाप्टर उड़ेगा। यह सारा प्रोजेक्ट अक्टूबर 2022 तक पूरा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट जब पूरा होगा तो इंडिया गेट की तर्ज पर प्रगति मैदान भी राजधानी के विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

बन रहे दो हेलीपेड

भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (आइटीपीओ) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एल सी गोयल ने बताया कि प्रगति मैदान पुनर्विकास योजना के तहत यहां दो हेलीपेड भी बनाए जा रहे हैं। पहले ये हेलीपेड कन्वेंशन सेंटर के ऊपर बनने थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से जब इसकी अनुमति नहीं मिली तो तीन की बजाए नीचे ही दो हेलीपेड बनाने का निर्णय हुआ। चूंकि इस कन्वेंशन सेंटर में जी-20 सरीखे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होने हैं तो वीआइपी मूवमेंट के लिए ये हेलीपेड रहेंगे।

बीजिंग से भी भव्य होगा दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर

प्रगति मैदान में निर्माणाधीन कन्वेशन सेंटर चीन की राजधानी बीजिंग स्थित अंतरराष्ट्रीय कनवेंशन सेंटर से भी भव्य होगा। बीजिंग कन्वेंशन सेंटर की मौजूदा क्षमता 2300 लोगों की है। प्रगति मैदान का सेंटर इससे दो गुना बड़ा होगा। जहां 70 प्रदर्शनियों का आयोजन एक साथ किया जा सकेगा। यह सेंटर प्रदर्शनी के लिए एक लाख 22 हजार वर्ग मीटर स्पेस के साथ यहां स्टेट आफ दी आर्ट एम्फी थियेटर भी बनाए जा रहे हैं।

इसके अलावा ट्रेड फेयर और अन्य व्यवसायिक आयोजन के लिए यहां सात कंवेन्शन हाल भी बनाए जा रहे हैं। यहां बनने वाला कन्वेंशन सेंटर, मौजूदा विज्ञान भवन से भी पांच गुना बड़ा होगा। फिलहाल 123 एकड़ में फैले प्रगति मैदान में तीन एकड़ में पांच सितारा होटल भी बनाए जाने की योजना है।

यह भी होंगी आकर्षण की वजह

प्रगति मैदान में एक नहीं बल्कि तीन चिल्ड्रन पार्क होंगे। साथ ही एक झील भी होगी। इन्हें बिल्कुल उसी तरह विकसित किया जाएगा, जैसे अभी इंडिया गेट पर हैं। राट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) ने कुछ मामूली संशोधन के साथ प्रगति मैदान की नवीनीकरण योजना को बाद में रिडिजाइन किया था।

इसमें विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर के आगे फव्वारों के साथ एक छोटी झील बनाने का खाका तैयार किया गया। यह झील इंडिया गेट के सामने बनी हुई झील जैसी होगी। सेंटर के आगे यह चौकोर होगी जबकि सामने की तरफ लंबाई में। इसमें लगे फव्वारे ही इसका जलस्त्रोत होंगे।

इसके अलावा प्रगति मैदान का जो 15 एकड़ खुला क्षेत्र होगा उसमें तीन अलग-अलग चिल्ड्रन पार्क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हर पार्क अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए होगा। इनमें उस उम्र के बच्चों की पसंद एवं जरूरत के हिसाब से झूलों और अन्य खेल गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी।

इसके अलावा इस खुले क्षेत्र में एक हिस्सा चित्रकारों और कलाकारों के लिए भी आरक्षित रखने की योजना है, जहां उनकी पेंटिंग या हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगाई जा सके।

कोई टिप्पणी नहीं