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मनरेगा में आफलाइन व्यवस्था खत्म, 16 से आनलाइन हाजिरी अनिवार्य

मुल्क तक न्यूज़ टीम, मऊ. मनरेगा में अब फर्जीवाड़ा करना गुजरे जमाने की बात होगी। केंद्र सरकार ने मनरेगा में होने वाले घोटालों पर रोक लगाने के लिए एनएमएमएस यानि 'नेशनल मोबाइल मानिटरिग सिस्टम' को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। इसमें एक काम पर लगे 20 से अधिक जाबकार्डधारकों की हाजिरी मौके पर आनलाइन ही लगाई जाएगी। 
 
 

प्रतिदिन मौके पर जाकर रोजगार सेवक व समूह की मेठ को हाजिरी लगाना होगा। अपर आयुक्त मनरेगा ग्राम्य विकास योगेश कुमार ने 16 मई से मनरेगा में एनएमएमएस एप से हाजिरी लगाने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि इस एप को अप्रैल माह से ही लागू किया गया है पर इसमें इस बात की छूट दी गई थी कि एप के नहीं चलने पर मजदूरों की हाजिरी आफलाइन भी लगाई जा सकती थी। इधर इसी का फायदा उठाते हुए ग्राम पंचायतें अनियमितता पर उतर आई थी।


मनरेगा में प्रतिवर्ष 60:40 के रेशियो से लगभग दो अरब रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 60 फीसदी धनराशि कच्चे काम यानि जाबकार्डधारकों को रोजगार देने के लिए मजदूरी पर खर्च की जाती है, तो 40 फीसदी धनराशि पक्के कामों के नाम पर खर्च होती है। कच्चे कामों में प्रत्येक वर्ष जल संचयन व संरक्षण के लिए पोखरा खोदाई, चकरोड निर्माण, खेतों का समतलीकरण आदि काम धड़ाधड़ किए जाते हैं। 

इसमें ऐसी भी ग्राम पंचायतें हैं जो प्रत्येक वर्ष एक करोड़ से अधिक की धनराशि तक खर्च करती हैं। इसमें असल हकीकत यह है कि मजदूरी के नाम पर जाबकार्डधारकों के नाम का मस्टररोल जारी होता हैं और भुगतान भी कराया जाता है पर मजदूरों से धनराशि वसूल कर ली जाती है। इसका कारण है कि अधिकतर कच्चे काम बारिश की भेंट चढ़ जाते हैं, दूसरे पहले के कामों को ही दिखाकर केवल कोरम पूरा कर धनराशि उतार ली जाती है। अब मजदूरों की हाजिरी लगाने की आफलाइन व्यवस्था को समाप्त करते हुए लागू एनएमएमएस एप फर्जीवाड़ा रोकने में सहायक बनेगा।


काझा में खुल गई थी एप की पोल

रानीपुर ब्लाक के काझा ग्राम पंचायत में पोखरे के जीर्णोद्धार के लिए 2.15 लाख का बजट प्रस्तावित था। यहां भी एप को दरकिनार कर आफलाइन तरीके से तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान व सचिव की मिलीभगत से पोखरे के बंधों की घास काटकर 1.48 लाख रुपये भुगतान की एमबी की गई थी। हालांकि दैनिक जागरण द्वारा उजागर की गई अनियमितता पर पोखरे को श्रमदान घोषित कर दिया गया।


एनएमएमएस एप के जरिए अब मनरेगा के हो रहे काम पर जाकर हाजिरी लगेगी। इससे सभी रोजगार सेवक आदि को प्रशिक्षित किया गया है। सभी खंड विकास अधिकारियों को 16 मई से इसे हर हाल में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।- उपेंद्र पाठक, डीसी मनरेगा, मऊ।

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