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'हैं तैयार हम' मुहिम में अकेले नहीं शिवपाल, तो फिर कौन-कौन हैं उनके साथ

मुल्क तक न्यूज़ टीम, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल अपने भतीजे अखिलेश यादव से नाराज हैं. वे भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं. ये दोनों सूचनाएं पुरानी हो चुकी हैं. बल्कि, अब ये खबर भी फीकी हो गई है कि वे ‘हैं तैयार हम’ मुहिम चला रहे हैं. इसमें ताजा खबर ये है कि शिवपाल और उनके समर्थक इस मुहिम में अकेले नहीं हैं. बल्कि सपा और अन्य दलों के नेता भी धीरे-धीरे जुड़ रहे हैं.

शिवपाल के करीबी बताते हैं कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव सपा के नाराज विधायकों और नेताओं के संपर्क में हैं. साथ ही, सपा गठबंधन में शामिल छोटे दलों के साथ भी बात कर रहे हैं. क्योंकि वे अपने अपमान का बदला लेने के लिए अखिलेश यादव को तगड़ी चोट देने का मन बना चुके हैं. साथ ही, भाजपा में एक मजबूत नेता के रूप में शामिल होना चाहते हैं. दल-बल के साथ. इसीलिए उनकी कोशिश है कि अधिक से अधिक सपा विधायकों और उसके सहयोगी दलों के नेताओं को अपने साथ लेकर भाजपा में जाया जाए.

लिहाजा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर नाम इस तरह के नेताओं में प्रमुख रूप से उभर कर आया है. एसबीएसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने शिवपाल के साथ फोटो साझा करते हुए हाल ही में ट्विटर पर लिखा भी, ‘हैं तैयार हम’. इसके साथ आजमगढ़ से सपा के दिग्गज नेता रमाकांत यादव भी बराबर शिवपाल के संपर्क में बताए जाते हैं. आजमगढ़ में चर्चा है कि भाजपा रमाकांत को वहां से उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है. अवध क्षेत्र में बड़े जनाधार वाले सपा के एक अन्य नेता शिवपाल के संपर्क में हैं, ऐसा भी कहा जा रहा है.

मुहिम दरअसल भाजपा की है, 2024 के लिए
वैसे, प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार रंजीव इसे शिवपाल के बजाय भाजपा की मुहिम बताते हैं. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पिछड़ों में 9-10% यादव हैं. ये राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय हैं. लोकसभा चुनाव-2024 में राज्य की 75 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा के लिए यह 10% वोट मायने रखता है. इसीलिए शिवपाल को पूरे दल-बल के साथ अपने पाले में लाने को तैयार है. यही कारण है कि उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्या, जो कल तक ‘नो वेकेंसी’ की बात कह रहे थे, अब कहने लगे हैं कि ‘पार्टी में जो आना चाहे, उसका स्वागत है.’

इसीलिए शिवपाल पहले साथ आने वालों की सूची लंबी कर रहे हैं
इस संबंध में शिवपाल यादव कहते हैं, ‘पहले मैं अयोध्या और हनुमानगढ़ी दर्शन करूंगा. फिर योगी जी की तरह ईंट पर राम नाम की मुहर लगाऊंगा. उसके बाद अच्छी खबर दूंगा.’ इस बाबत जानकार बताते हैं कि शिवपाल की अयोध्या-यात्रा जल्द हो सकती है. हालांकि उससे पहले वे उन नेताओं की सूची लंबी करना जरूर चाहेंगे, जो उनके संग भाजपा के साथ जुड़ने को तैयार हों. उनकी इस मुहिम के बदले, जैसा कि कहा जा रहा है, भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है या उत्तर प्रदेश विधानसभा का उपाध्यक्ष बना सकती है. उनके बेटे आदित्य को जसवंतनगर से विधानसभा चुनाव लड़ा सकती है. यह सीट लंबे वक्त से शिवपाल के पास है.

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