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Eit ka Rate Today: ईंट की कीमत में बढ़ोतरी से दर-ओ-दीवार नहीं रहेंगे सस्ते

मुल्क तक न्यूज़ टीम, प्रयागराज. Eit ka Rate Today: पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, आम जरूरत की वस्‍तुओं की कीमत बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट किराया भी बढ़ गया है। अब घर बनवाना भी महंगा हो गया है। ईंट की कीमत (Eit ka Rate) बढ़ने से मकान बनवाने वाले लाेगों की जेब पर अतिरिक्‍त दबाव पड़ेगा। इसका कारण भी जान लें। 
Eit ka Rate
ईंट-भट्ठा कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के बिना छह प्रतिशत जीएसटी देने से जुड़ी एक कंपोजीशन स्कीम को चुन सकते हैं। जो कारोबारी कंपोजीशन योजना का विकल्प नहीं चुनना चाहते हैं, उन पर आइटीसी के साथ 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक जीएसटी बढऩे से हर तरह की ईंट महंगी हो गई है। इसका असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।


ईंट के दाम (Eit ka Rate)

तेजी से बढ़ती महंगाई के साथ ही ईंट-भट्ठाें पर बढ़ी जीएसटी का असर ईंटों पर भी पड़ा है। ईंटें महंगी हो गई है। 7000 प्रति हजार का आने वाले ईंट 8000 रुपये की हो गई है। यानी प्रति ईंट एक रुपये की वृद्धि हो गई है। इसका असर सीधे तौर पर आम लोगों पर पड़ रहा है।

अभी तक इनपुट पर क्रेडिट का दावा करने की छूट थी

अब तक ईंटों के निर्माण और व्यापार पर एक प्रतिशत जीएसटी लगता था, व्यापारियों को इनपुट पर क्रेडिट का दावा करने की छूट थी। सरकार ने 31 मार्च को जीएसटी दरों को अधिसूचित किया है, जो एक अप्रैल से लागू हो गई है।

बोले, वाणिज्‍यकर विभाग के डिप्‍टी कमिश्‍नर


वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर मनोज कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि जो ईंट-भट्ठा संचालक यदि योजना का लाभ लेना चाहता है, तो कंपोजीशन स्कीम को चुनकर वह छह प्रतिशत तक जीएसटी चुका सकता है। वहीं योजना का लाभ नहीं लेकर आइटीसी का लाभ लेने वाले कारोबारियों को 12 प्रतिशत का टैक्स चुकाना होगा।

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