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सीमेंट, छड़, गिट्टी, ईटा समेत इन चीजों की कीमत में भारी बढ़ोतरी, घर बनाना हुआ और महंगा

मुल्क तक न्यूज़ टीम, रांची. सीमेंट, छड़, गिट्टी, ईटा समेत निर्माण सामग्रियों में मूल्यवृद्धि के कारण निर्माण उद्योग में उथल पुथल की स्थिति बनी है। इसी के मद्देनजर बिल्डर्स एसोसिएशन आफ इंडिया झारखंड ने मुख्यमंत्री से झारखंड में प्रभावी एसओआर रेट में संशोधन का आग्रह भी किया है। 
बातचीत के क्रम में बीएआइ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा कि कोविड काल में निर्माण उद्योग पहले से ही संकट के दौर से गुजर रहा था। अब निर्माण सामग्री मसलन सीमेंट, स्टील, लोहा, स्टोन चिप्स के मूल्य में 30 से 100 फीसदी की अप्रत्याशित वृद्धि से संवेदक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को पूर्ण करने की स्थिति में नहीं हैं। निर्माण सामग्री की दरों में बेतहाशा वृद्धि से कई प्रोजेक्ट की रफ्तार काफी धीमी हो चुकी है। कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई हैं। जिस कारण निर्माणाधीन प्रोजेक्ट बाधित हो रहे हैं।

ये रही वर्तमान कीमत

मार्च 2021 की तुलना में अप्रैल 2022 में बिल्डिंग मैटेरियल की दरों में काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान में सीमेंट (cement price) की कीमत में 76 फीसदी, छड़ (chhad ka rate) में 72 फीसदी, ईंट (eta ka rate) में 50 फीसदी, गिट्टी (gitti ka rate) में 63 फीसदी, कांच में 103 फीसदी की बढोत्तरी दर्ज की गई है। यदि पिछले छह महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो वायर केबल्स में 50 फीसदी, टाइल्स में 33 फीसदी, एल्यूमिनियम में 80 फीसदी तथा कापर में 58 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

यदि यह मूल्यवृद्धि आगे भी जारी रही तो संवेदकों के पास परियोजनाओं को रोकने और कच्चे माल की खरीद को स्थगित करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा। इस महंगाई का प्रभाव मजदूरों के पारिश्रमिक पर भी पड़ रहा है। क्योंकि किसी भी कार्य में मजदूरों के पारिश्रमिक का अंशदान कुल मूल्य का 30-40 फीसदी होता है। वास्तविकता यह है कि बाजार से पुराने दर पर मजदूर को कार्य पर लगाना संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें भी नए दर का भुगतान करना पड़ता है।

सरकार करें हस्तक्षेप

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल कहते हैं कि ऐसी परिस्थिति में निर्माण कार्य से जुड़ी सामग्रियों का नया दर जारी किया जाना चाहिए। जिनमें गुणवत्ता के साथ दीर्घकालीन एसेट का सृजन किया जा सके। उन्हाेंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि निर्माण कार्य से जुड़ी सामग्रियों के दर को वर्तमान के समतुल्य बनाने के लिए झारखंड में लागू शेड्यूल आफ रेट में संशोधन के लिए निर्देश जारी करें।

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