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मऊ में बच्‍ची संग दुष्‍कर्म का आरोपित जज से बोला - 'कम सजा देना, नहीं तो मेरे बच्‍चे अनाथ हो जाएंगे'

मुल्क तक न्यूज़ टीम, मऊ. मऊ जिले में पाक्सो आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माना दोनों ही सजा दी गई है। यहां पांच वर्ष की अवयस्क बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी रामाश्रय राजभर को पाक्सो मामले की विशेष अदालत अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा ने गुरूवार को उसे पाक्सो के अपराध का दोषी ठहराया। वहीं आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा मे लेकर जेल भेज दिया।
शुक्रवार को आरोपी को जेल से तलब कर अदालत द्वारा उसे सजा के प्रश्न पर सुना गया। आरोपी की तरफ से कहा गया कि वह शादी शुदा और तीन बच्चों का पिता है। उसका परिवार अनाथ हो जायेगा अतः उसे कम से कम सजा दी जाय। वहीं अभियोजन की तरफ से पैरवी करने वाले विशेष शासकीय अधिवक्ता विमल कुमार श्रीवास्तव व प्रवीण कुमार मिश्रा व रामचन्द्र चौहान तथा वादी के अधिवक्ता राजनाथ यादव ने आरोपी द्वारा अबोध बच्ची के साथ किये गये कृत्य को अक्षम्य बताते हुए कठोर दण्ड की सिफारिश की।


अवयस्कों को लैंगिक अपराध से संरक्षण प्रदान करने के पाक्सो मामलों की जज ने दोनों पक्षों को सुनकर व अभियोजन द्वारा प्रस्तुत सात गवाहो के साक्ष्य की गहन समीक्षा के उपरान्त आरोपी रामाश्रय राजभर को आजीवन कारावास व पचास हजार रूपये अर्थ दण्ड की सजा सुनायी। जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया। वहीं अदालत ने जुर्माना जमा होने पर सम्पूर्ण राशि को पीडिता को प्रदान करने का निर्देश दिया। अदालत ने जिलाधिकारी को फैसले की प्रति प्रेषित कर पीड़‍िता को क्षतिपूर्ति दिलाने का निर्देश दिया।

यह मामला मधुबन में वर्तमान रामपुर थाना क्षेत्र की है। वादी मुकदमा की पांच वर्षीय अवयस्क भांजी अपनी सहेली के साथ पास के बगीचे मे 16 जुलाई 2020 को आम बीनने गयी थी। वहीं मधुबन थाना क्षेत्र वर्तमान रामपुर थाने के भेडवरा मल्ल निवासी रामाश्रय राजभर पीडिता की सहेली को आम देकर घर भेज दिया और पीडिता को गन्ने के खेत मे ले जाकर दुष्कर्म किया। इस मामले के विचारण के उपरान्त अदालत द्वारा आरोपी को सजा सुनायी गयी।

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