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कांग्रेस में टूट की आशंका...गुजरात चुनाव से पहले ऐसा हुआ तो क्या करेगी पार्टी?

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. पांच राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर घमासान मचा हुआ है। जी-23 ग्रुप के नेता लगातार पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं वहीं अब गुजरात कांग्रेस के भीतर टूट की आशंका जताई जा रही है। साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार और सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने गुजरात कांग्रेस में टूट की आशंका जताई है। लोढ़ा ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि बीजेपी कांग्रेस के 10 विधायकों पर डोरे डाल रही है।

गुजरात चुनाव से पहले पार्टी में टूट की आशंका

गुजरात में पहले भी कांग्रेस विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस विधायक व मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने ट्वीट में लिखा है कि भाजपा कांग्रेस के दस विधायकों पर डोरे डाल रही है। स्वस्थ रहें , सतर्क रहें। लोढ़ा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी टैग किया है। संयम लोढ़ा की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्होंने इस बारे में गुजरात कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा को भी बताया है।

गुजरात का चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए कई मायनों में खास है। पांच राज्यों में हार के बाद कांग्रेस पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव है और ऐसे वक्त में चुनाव से पहले पार्टी के विधायक टूटते हैं तो इसका बुरा असर पड़ेगा। संयम लोढ़ा ने जो आशंका जताई है उसको लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है।पिछले गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन जीत बीजेपी की हुई।

इस बार राज्य में पार्टी के सामने दोहरी चुनौती

गुजरात कांग्रेस में फूट उस वक्त भी हुई जब 2020 में राज्यसभा चुनाव से पहले 8 कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफे दे दिए। यह सभी बीजेपी में शामिल हो गए थे। कुछ दिन पहले पार्टी के कुछ पूर्व विधायक भी बीजेपी में शामिल हुए। दिसंबर 2017 के चुनाव में 182 सदस्यीय विधानसभा में 77 सीटें जीतने वाली कांग्रेस के सदस्यों की संख्या कम होकर 65 रह गयी है। गुजरात में इस बार कांग्रेस को बीजेपी से मुकाबला करना ही है साथ ही आम आदमी पार्टी का भी मुकाबला करना है। पंजाब में शानदार जीत के बाद आम आदमी पार्टी का उत्साह काफी बढ़ा हुआ है और अभी से ही गुजरात को लेकर तमाम दावे पार्टी की ओर से किए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी बीजेपी के सामने खुद को एक विकल्प के रूप में पेश कर रही है। कांग्रेस के लिए गुजरात में इस बार डबल चुनौती है ऐसा कहा जाए तो यह बात गलत नहीं है।

पार्टी के पुराने दिग्गज को अहमद पटेल आए याद

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि अहमद पटेल के निधन के बाद कांग्रेस में ऐसा कोई नेता नहीं है जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन कर सके और इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस के असंतुष्ट माने जाने वाले जी-23 गुट के नेताओं की बैठक में शामिल हुए वाघेला ने यह बात कही। 2017 में कांग्रेस छोड़ने के बाद वाघेला खुद अब किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं। कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता ने उत्तर प्रदेश चुनाव की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा को देने के कांग्रेस के फैसले को मिस फायर करार दिया।

जी-23 नेताओं का बढ़ता जा रहा दबाव

कांग्रेस के जी 23 समूह के प्रमुख सदस्य गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और आगे के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए। इस समूह के नेताओं की ओर से सामूहिक और समावेशी नेतृत्व की मांग किए जाने के दो दिनों बाद आजाद ने सोनिया से उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात की। हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद इस समूह की सक्रियता बढ़ गई है। इसके एक और प्रमुख सदस्य कपिल सिब्बल ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में कहा था कि गांधी परिवार को कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और किसी अन्य नेता को मौका देना चाहिए। इसके बाद गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं ने सिब्बल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

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