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अप्रैल में शुरू हो जाएगा यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम, जानें प्लान

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नोएडा. उत्तर प्रदेश और हरियाणा में रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही यूपी से हरियाणा आना-जाना बहुत ही आसान हो जाएगा. इससे पेट्रोल-डीजल की तो बचत होगी ही, साथ में वक्त भी कम लगेगा. जल्द ही यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) से जोड़ने का काम शुरू होने जा रहा है. ऐसी चर्चा है कि अप्रैल तक यह काम शुरू हो जाएगा. 

लेकिन इसे पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल का वक्त लगेगा. लेकिन इसके बाद वाहन यूपी से हरियाणा तक सीधे फर्राटा भर सकेंगे. गौरतलब रहे जमीन के संबंध में किसानों की कुछ मांगों के चलते यह योजना लेट चल रही है.

यहां जोड़ा जाएगा यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यमुना अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो यमुना एक्सप्रेसवे के नोएडा जीरो पाइंट से 9 किमी की दूरी पर जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास दोनों यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे आपस में मिलते हैं. इसी जगह को इंटरचेंज बनाने के लिए चुना गया है. यहां पर चार रैंप बनाई जाएंगी.

जिसमे से दो रैंप चढ़ने तो दो उतरने की होंगी. लेकिन किसानों के साथ चला जमीन विवाद पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद यह योजना लेट हो गई. लेकिन अब मामला कुछ बनता हुआ दिखा तो योजना ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है.

अभी वाहनों को लगाना होता है 22 किमी का चक्कर

लखनऊ, कानपुर, आगरा और मथुरा की ओर से आने और हरियाणा की ओर जाने वाले वाहनों को पहले यमुना एक्सप्रेसवे से नीचे उतरना पड़ता है. उसके बाद अफजलपुर और जगनपुर गांव से होते हुए सिरसा जाकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने का मौका मिलता है. लेकिन इसके लिए पूरे ग्रेटर नोएडा शहर को पार करते हुए 22 किमी का चक्कर लगाने के बाद सिरसा पहुंच पाते हैं. इस सब में एक लम्बा वक्त भी खराब होता है और पेट्रोल-डीजल की खपत भी बढ़ जाती है.

यूपी सरकार से किसानों की यह थी मांग

यूपी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए किसानों की मांग थी कि जिस तरह से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बनाते वक्त 3500 हजार रुपये की रेट से मुआवजा दिया गया है तो इंटरचेंज बनाते वक्त हमे भी उसी रेट से मुआवजा दिया जाए. गौरतलब रहे इस मामले में यूपी सरकार हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में चली गई. लेकिन अब चर्चा है कि सरकार और किसानों के बीच में बातचीत काफी हद तक सुलझ गई है और जल्द ही काम शुरू हो सकता है.

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