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बिहार-झारखंड और यूपी से गुजरने वाली 30 जोड़ी ट्रेनों में बढ़ीं 1302 सीटें

मुल्क तक न्यूज़ टीम, सहरसा. बिहार-झारखंड और यूपी से गुजरने वाली पूर्व मध्य रेल की एलएचबी कोच लगकर चलने वाली 30 जोड़ी ट्रेनों में 1302 सीटें बढ़ गयी हैं। हर ट्रेन में 31 सीट बढ़ जाने से सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत होने लगी है। ऐसा एलएचबी कोच लगकर चलने वाली ट्रेनों में एलएसएलआरडी की सुविधा बहाल किए जाने से संभव हुआ है।

नए नियम के मुताबिक एलएचबी कोच वाली ट्रेन से एक पावरकार को हटाकर एलएसएलआरडी कोच लगाया जा रहा है। पहले एलएचबी कोच में दो पावरकार लगा रहता था। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते ट्रेन से एक पावरकार को हटाकर एक एलएसएलआरडी कोच लगाया जा रहा है।

पूर्व मध्य रेल की 30 जोड़ी ट्रेनों में पावरकार की जगह एलएसएलआरडी कोच लगाए जा चुके हैं। इससे प्रत्येक ट्रेन में सामान्य श्रेणी यानी अनारक्षित कोटे में 31 सीट बढ़ गई हैं। कुल मिलाकर 1302 सीटें बढ़ी हैं।

अतिरिक्त सीट बढ़ जाने से सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत हुई है। ट्रेनों में पर्याप्त संख्या में सीट उपलब्ध होने लगी है। दिव्यांग यात्री के लिए भी प्रत्येक ट्रेन में छह सीटें उपलब्ध हो गयी है। यह सुविधा सहरसा आने-जाने वाली सात जोड़ी ट्रेनों में भी उपलब्ध हो गई है।

सहरसा-पटना राज्यरानी एक्सप्रेस, सहरसा-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस, सहरसा-पाटलिपुत्र जनहित एक्सप्रेस, सहरसा-आनंद विहार पुरबिया एक्सप्रेस, सहरसा-आनंद विहार व सहरसा-अमृतसर जनसाधारण एक्सप्रेस अप डाउन में एलएसएलआरडी कोच लगाए गए हैं। एक अप्रैल से एलएचबी कोच के साथ चलते सहरसा-राजेंद्रनगर अप डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस में भी यह व्यवस्था बहाल हो जाएगी। धीरे-धीरे रेल प्रशासन एलएचबी लग चलने वाली सभी ट्रेनों में एक पावरकार हटाकर एलएसएलआरडी कोच लगाएगा। 

इन जगहों की ट्रेनों में भी यह सुविधा

राजेंद्रनगर-जम्मूतवी अर्चना एक्सप्रेस, पटना- नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस, दानापुर- नई दिल्ली एक्सप्रेस, दरभंगा- नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति, दरभंगा-मैसूर बागमती एक्सप्रेस, बरौनी एर्नाकुलन राप्ती सागर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में भी एक पावरकार को हटाकर एलएसएलआरडी कोच लगाए गए हैं। 

एक पावरकार से होगी बिजली आपूर्ति

पहले इन ट्रेनों में दो पावरकार से हेड ऑफ जेनरेशन के तहत बिजली की आपूर्ति की जाती थी। अब एक पावरकार से ही बिजली की आपूर्ति होगी। एक पावरकार की जगह एलएसएलआरडी कोच ले लेगा। पहले जिस तरह से एसएलआर बोगी काम करती थी ठीक उसी तरह अब एलएसएलआरडी कोच काम करेगा। 

ईसीआर के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में एलएसएलआरडी कोच लगाए जा रहे हैं। ईसीआर के 30 जोड़ी ट्रेनों में एक पावरकार को हटाकर एलएसएलआरडी कोच लगाने से 1302 सीटें बढ़ गई हैं।

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