Breaking News

कंधे पर हाथ और गलियारे में चहलकदमी से दिखी मोदी-योगी की जुगलबंदी, भविष्य की राजनीति की कहानी सुना गई तस्वीर

मुल्क तक न्यूज़ टीम, लखनऊ. एक गलियारा, सिर्फ दो शख्स प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। मोदी क्या कह रहे हैं और योगी क्या सुन रहे हैं...? यह तो वह दोनों ही जानें, लेकिन हां, एकांत की इस मुलाकात की जो तस्वीर सामने आई, वह बहुत कुछ बोल रही है। दोनों की 'बाडी लैंग्वेज' भविष्य की राजनीति की कहानी सुना रही है।

डीजीपी सम्मेलन में शामिल होने आए प्रधानमंत्री मोदी दो दिन के लखनऊ प्रवास पर थे। मुख्यमंत्री को भले ही उस सम्मेलन में शामिल न होना हो, लेकिन प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात लगातार हुई। शनिवार को भी योगी ने मोदी से राजभवन पहुंचकर मुलाकात की। दोनों साथ बैठे थे, तस्वीर जारी हुई, लेकिन मुलाकात सामान्य और तस्वीर भी सामान्य। मगर, रविवार को यह दोनों जिस ढंग से मिले, वह अचानक चर्चाओं में आ गई। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तस्वीर पर तंज कसा है। और भी नेता चुटकी ले रहे हैं। उन्हें जवाब योगी ने अपने ट्विटर हैंडल से फोटो के साथ साझा की गई कविता से दे दिया, जिसमें लिखा है-

'हम निकल पड़े हैं प्रण करके,  अपना तन-मन अर्पण करके।

जिद है एक सूर्य उगाना है, अम्बर से ऊंचा जाना है, एक भारत नया बनाना है।'

इन पंक्तियों का प्रत्यक्ष संदेश है कि वह दोनों मिलकर प्रदेश और देश के लिए काम कर रहे हैं। संकल्प भारत को समृद्धशाली बनाने का है। विधान सभा चुनाव में भी पार्टी डबल इंजन की सरकार की पैरोकारी इसी संदेश के साथ करती है और चुनाव के दौरान भी करेगी। मगर, इस तस्वीर का परोक्ष संदेश बहुत अहम माना जा रहा है। 

दरअसल, 2022 में पार्टी का चेहरा कौन होगा, यह संसदीय बोर्ड तय करेगा...। कुछ नेताओं के इस नीतिसम्मत वक्तव्य के अलग मायने निकालने वालों की कमी विपक्ष के साथ-साथ भगवा खेमे में भी कम न थी। हालांकि, गृहमंत्री अमित शाह ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी भी खुले मंच से योगी को 'कर्मयोगी' बताकर इन अटकलों को विराम देने का पूरा प्रयास करते रहे हैं। वहीं, कई शब्दों पर भारी इस तस्वीर में भाव-भंगिमाओं से संदेश मिले हैं। ध्यान से कान लगाकर प्रधानमंत्री की बात को योगी सुन रहे हैं, क्योंकि वह मानते हैं कि 'मोदी हैं तो मुमकिन है।

कोई टिप्पणी नहीं