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देशभर में आज 'किसान विजय दिवस' मनाएगी कांग्रेस, जिले से लेकर ब्लाक लेवल तक सड़कों पर होंगे कार्यकर्ता!

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. मोदी सरकार द्वारा तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने शनिवार को 'किसान विजय दिवस' मनाने के साथ-साथ पूरे देश में 'विजय रैली' आयोजित करने का फैसला किया है। वहीं अब पार्टी किसानों के विरोध के मुद्दे पर पार्टी की राजनीतिक रणनीति में बदलाव कर रही है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने के बाद, कृषि कानूनों को रद करना दूसरा बड़ा फैसला है जो केंद्र सरकार ने आम जनता के बड़े विरोध के बाद लिया है। अब कांग्रेस महंगाई को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर कहा कि तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद पार्टी द्वारा शनिवार को पूरे देश में 'किसान विजय दिवस' मनाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का जश्न लोगों तक पहुंचे और 'किसान विजय रैली' का आयोजन किया जाएगा। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्षों ने जिले से लेकर ब्लाक स्तर तक सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को किसान विजय दिवस मनाने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले कांग्रेस ने 14 नवंबर से देशभर में मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 'जन जागरण अभियान' चलाने का फैसला किया था। कांग्रेस ने यह अभियान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, बेरोजगारी, महंगाई आदि जैसे विभिन्न मुद्दों पर शुरू किया था।

कांग्रेस ने अंग्रेजों के खिलाफ महात्मा गांधी द्वारा किए गए 'दांडी मार्च' की तर्ज पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा पैदल मार्च और जुलूस निकालने का फैसला किया था।

कांग्रेस के विरोध के बाद आम जनता को राहत देते हुए केंद्र ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों थोड़ी राहत दी। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने आखिरकार तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस ले लिया। केंद्र द्वारा लिए गए ऐसे फैसलों के बाद, कांग्रेस ने भी अपने जन जागरण अभियान की समग्र रणनीति को बदल दिया है।

कांग्रेस अब केंद्र सरकार को संसद में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कांग्रेस नेता केंद्र सरकार से फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने, कर्ज माफी, कृषि क्षेत्र से जीएसटी हटाने और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की मांग कर रहे लोगों तक पहुंचेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने पिछले संसद सत्र के दौरान तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हुए विपक्षी दलों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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