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कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों के मामले में पीएम से माफी मांगने को कहा, श्रम मंत्री को तत्काल बर्खास्त की भी मांग

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का डाटाबेस बनाने में विफल रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार की खिंचाई करने के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को श्रम मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने और प्रधानमंत्री से माफी मांगने को कहा।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी श्रम मंत्री को बर्खास्त करने का वारंट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के प्रवासी मजदूरों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने लाकडाउन के दौरान प्रवासियों के संकट से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।


सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला मोदी सरकार द्वारा किए गए अक्षम्य पापों के लिए आंख खोलने वाला है। इसने शहरी भारत के निर्माताओं की दुर्दशा और दुखों की अनदेखी की है। प्रवासी मजदूरों के साथ बाहरी लोगों और दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया गया है। कोरोना महामारी के दौरान खुद को बचाने के लिए उन्हें हाशिये पर धकेल दिया गया। सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियों के बाद कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए समय आ गया है कि वे शहरी भारत के वास्तुकारों-प्रवासी मजदूरों से बिना शर्त माफी मांगें।


वित्त मंत्री का पैकेज एक और ढकोसला है : राहुल

कांग्रेस ने महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था की मदद करने के लिए सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन उपायों की आलोचना की है। पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि कोई भी परिवार अपनी दैनिक जरूरतों पर आíथक पैकेज खर्च नहीं कर सकता है। यह कुछ भी नहीं लेकिन एक और ढकोसला है। अर्थव्यवस्था के लिए सरकार के प्रोत्साहन पैकेज पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने कहा, कोई भी परिवार अपने रहने-खाने-दवा-बच्चे की स्कूल फीस पर वित्त मंत्री के आíथक पैकेज को खर्च नहीं कर सकता है। यह एक पैकेज नहीं है, बल्कि एक और ढकोसला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी पैकेज को लेकर सरकार की आलोचना की। कहा कि इस संकट का समाधान लोगों, खासकर गरीबों और निम्न मध्यम वर्ग के हाथों में पैसा डालकर मांग को बढ़ाना है।

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