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क्राइम ब्रांच का अधिकारी बन कोरोना कर्फ्यू में करते थे वसूली, अरेस्ट हुए तो बोले- पत्रकार हैं

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नोएडा. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगे आंशिक कर्फ्यू में चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों से उगाही करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच से बताकर वाहन को रोकते थे। फिर पेपर चेकिंग, हेलमेट न लगाए होने और कर्फ्यू में निकलने आदि कमियां निकाल कर जेल भेजने और वाहन सीज कराने की धमकी देते थे। इसके बाद उगाही का खेल शुरू होता था। आरोपी जो टी-शर्ट पहनते थे उस पर दिल्ली क्राइम और प्रेस दोनों प्रिंट करवाया हुआ है। इसी तरह आई कार्ड भी बनवाए हुए थे। यह सब देखकर आम लोग डर जाते थे और इनकी डिमांड पूरी कर देते थे।

सेक्टर-58 थाना पुलिस ने लेबर चौक के पास से इन दोनों को पड़ा। हुआ यह कि दो दिन पहले बिशनपुरा निवासी विनोद नाम के युवक को इन दोनों आरोपियों ने डीएनडी के पास रोका था। वाहन के कागज चेक करने के बाद नंबर प्लेट की फोटो खींच ली। विनोद की गाड़ी में कुछ कागज कम थे। इसके बाद आरोपियों ने बाकी के कागज ले लिए और वापस देने के नाम पर 20 हजार रुपये की डिमांड की। विनोद ने इसकी सूचना सेक्टर-58 थाना पुलिस को दी थी।


आरोपी जब विनोद से रुपये लेने पहुंचे तो वहां पर जाल बिछाकर बैठी पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पुलिस के हत्थे चढ़ने पर आरोपी खुद को पत्रकार बताने लगे। थाने पहुंचने के कुछ देर बाद शांत हो गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद अफसर निवासी दिल्ली और नीरज चौबे निवासी बिशनपुरा के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने 4520 रुपये, दो प्रेस के कथित आईकार्ड, दो मोबाइल फोन और वाहन के दस्तावेज बरामद किए हैं।


चार और पीड़ित आए सामने

ये दोनों दिल्ली क्राइम और प्रेस प्रिंटेड टी-शर्ट पहन कर बाइक से चलते थे। नोएडा में डीएनडी और महामाया फ्लाईओवर के पास खड़े होकर वाहनों को चेकिंग के नाम पर रोकते थे। वाहन रुकते ही पुलिसिया अंदाज में उसकी फोटो क्लिक करते थे। फिर जेल भेजने और वाहन सीज कराने की धमकी देते थे। पुलिस के मुताबिक, इनके पकड़े जाने के बाद चार और पीड़ित सामने आए हैं। इन पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क कर जल्द शिकायत देने की बात कही है। साथ ही दोनों आरोपियों के मोबाइल से कई वाहनों की फोटो बरामद हुई हैं। ऐसे में पुलिस उनमें तो वसूली या फ्रॉड नहीं हुआ यह जांच भी कर रही है।


दिल्ली क्राइम ब्रांच से बताकर करते थे वसूली

एसीपी-2 रजनीश वर्मा ने बताया कि दोनों आरोपी खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच से बताकर वाहन चालकों से वसूली करते थे। एक शिकायत दर्ज कर सेक्टर-58 थाना पुलिस ने इनको पकड़ा। कुछ और पीड़ित भी हमारे संपर्क में आए हैं।

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