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Farmers Protest: किसानों का उग्र आंदोलन, मेरठ व मुजफ्फरनगर में टोल कराया फ्री; जगह-जगह फूंका गया पु‍तला

 मुल्क तक न्यूज़ टीम, मेरठ. कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को छह माह पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन व किसान घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर विरोध जता रहे हैं। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका। मुजफ्फरनगर के छपार में भाकियू कार्यकर्ताओं ने टोल फ्री करा दिया और वहीं पर धरने पर बैठ गए। बागपत में भाकियू ने राष्ट्र वंदना चौक पर काले झंडे लगाए और 20 मिनट जाम लगाकर विरोध जताया। कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाईं। एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद जाम खोल दिया।

मेरठ में भाकियू और रालोद कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया। सहारनपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने अपने मकानों पर काले झंडे लगाकर गांवों में केंद्र सरकार के पुतले फूंके। नागल में काले झंडे लगाकर बाइक रैली निकाली। नांगल में नोकझोंक के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। बुलंदशहर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट व शहीद स्मारक पर काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया। खुर्जा में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।


मेरठ में दिखाया काला झंड़ा, सिवाय टोल कराया फ्री 

किसानों का उग्र प्रदर्शन करते हुए सिवाय टोल पर किसानों ने धरना दिया। इस दौरान NH58 स्थित टोल को फ्री कराया दिया। जिसके बाद पुलिस से झड़प हो गई। थाना दौराला क्षेत्र के मेरठ-देहरादून मार्ग पर धरना जारी है। कृषि कानून के विरोध में बुधवार को 6 माह पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन ने काला दिवस मनाने का ऐलान किया था उसी के तहत जगह-जगह प्रदर्शन का सिलसिला सुबह से ही आरंभ हो गया। किसानों के समर्थन में राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने बाउंड्री रोड स्थित पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल देव के क्या हाल है पर हाथों में तख्ती और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। 

राष्ट्रीय लोकदल के पश्चिम उत्तर प्रदेश महासचिव डॉ राजकुमार सांगवान ने कहा जिस कानून फुल मूवी किसान लागू करने से मना कर रहे हैं। सरकार उसे जबरदस्ती थोपना चाहती है कोरोना माहमारी के दौर में भी किसान दिल्ली में डटे हुए हैं। केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़कर तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए और किसानों से वार्ता कर के नए कानून को बनाने की रूप रेखा तय करनी चाहिए। नगलाताशी स्थित सैनिक विहार में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंकने की कोशिश की जिसे मौके पर पहुंचकर पुलिस ने रोक दिया कार्यकर्ता काले झंडे लेकर मेरठ करनाल मार्ग पर खड़े होकर काले झंडे लहराए कृषि कानून वापस लो के नारे लगाये। सतीश चौधरी,संजय दौरालिया, मेहराज मलिक, इंद्रपाल, पदम सिंह, अर्जुन जंगेठी, महेंद्र सिंह एडवोकेट आदि मौजूद रहे।

बुलंदशहर में पु‍तला फूंकने का प्रयास

भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी व कांग्रेस अध्यक्ष श्योपाल सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारी का नाम चौराहा पर केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान बागी पदाधिकारियों और पुलिस में पुतला छीनने को लेकर छीना झपटी हुई। वहीं खुर्जा, गुलावठी व कलेक्ट्रेट पर तीनों कृषि कानून के विरोध में काला झंड़ा लेकर नारेबाजी की गई।

टिकैत के निवास सिसौली में ट्रैक्‍टर रैली

सिसौली में कृषि कानूनों के विरोध में भकियू के कार्यकताओं और किसानों ने आयोजित काला दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकला। इस रैली का शुभारंभ भाकियू अध्‍यक्ष नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत ने किया। इसके अलावां मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान भाकियू के कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन स्थल की बिजली काटे जाने का आरोप लगाते हुए छपार टोल प्लाजा को फ्री कराया। भाकियू कार्यकर्ता टोल पर ही धरना पर बैठ गए। पुलिस फोर्स मौके पर।

सहारनपुर में फूंका पूतला, घरों पर बांधे झंडें

कोविड-19 महामारी को देखते देर रात में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने किसानों से अपील की थी कि वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत एक जगह एकत्रित नहीं होंगे और अपने गांवों में ही मकानों पर काले झंडे लगाएंगे तथा सरकार के पुतले फुंककर विरोध जताएंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष की अपील पर बुधवार सुबह से ही भाकियू से जुड़े किसानों ने अपने गांवों में मकानों की छत पर चढ़कर काले झंडे बांधे। नागल समेत अनेक गांवों में युवा किसानों ने बाइक रैली निकाली और बाजू पर काली पटटी बांधकर विरोध जताया। इतना ही नहीं लगभग हर गांव में केंद्र सरकार के पुतले फंके गए। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर काले झंडे बांधकर घुमाया।


बागपत में रालोद नेता दो चार समर्थकों के साथ यूपी बार्डर गए

बड़ौत से यूपी बार्ड किसानों के पदर्शन में शामिल होने के लिए रालोद नेता गौरव तोमर अपने दो चार समर्थकों के साथ गए। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के आह्वान पर क्षेत्रवासियों ने कृषि कानूनों के विरोध में शहर में पैदल मार्च निकाला। इसके बाद बावली चुंगी सहित प्रमुख चौराहों पर काले झंड़े बांधे गए। इसके बाद कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दाहा में बड़ौत मुजफ्फरनगर मार्ग पर बह रहे भड़ल गांव के पानी को लेकर नाराज दाहा के ग्रामीणों ने गैडबरा बस स्टैंड पर मार्ग जाम किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों को समझाने बुझाने में जुटी है। इसके अलावा बागपत राष्ट्र वंदना चौक पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने 20 मिनट जाम लगाकर कृषि बिल की प्रतियां जलाई उसके बाद एसडीएम व सीओ को ज्ञापन सौंपा।  


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