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Cyclone Yaas News: कब, कहां और कितनी रफ्तार से आएगा 'यास' तूफान ? जानें इसके बारे में सबकुछ

मुल्क तक न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. चक्रवाती तूफान 'यास' के बुधवार शाम तक ओडिशा के पारादीप और सागर आइलैंड्स के बीच लैंडफॉल करने का अनुमान है। हालांकि इसका असर मंगलवार से ही दिखना शुरू हो जाएगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है। पिछले दिनों 'ताउते' के चलते देश के पश्चिम हिस्‍से में जो तबाही देखने को मिली, उसे देखते हुए पश्चिमी भाग को बचाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के चलते तटीय इलाकों में 2-4 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

चक्रवात का नाम 'यास' किसने रखा?

वर्ल्‍ड मीटरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) सभी नामों की लिस्‍ट का ब्‍योरा रखती है। वैसे तो इन्‍हें रोटेट किया जाता है लेकिन अगर कोई साइक्‍लोन ज्‍यादा खतरनाक हो तो उसका नाम रिटायर कर देते हैं। आमतौर पर नामों की यह लिस्‍ट संबंधित क्षेत्र के सदस्‍यों देशों के मौसम विभाग बनाते हैं। हर साल या छह महीने पर होने वाली बैठक में आने वाले चक्रवातों के नाम तय किए जाते हैं।

हिन्द महासागर क्षेत्र के आठ देशों ने भारत की पहल पर 2004 से चक्रवातीय तूफानों को नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी। इसके तहत सदस्य देशों की ओर से पहले से सुझाये गए नामों में से एक का चयन किया जाता है। इन देशों में भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, म्यामांर, मालदीव, श्रीलंका, ओमान और थाईलैंड शामिल हैं।

इस बार के तूफान का नाम ओमन ने सुझाया था। 'यास' का मतलब होता है 'निराशा। इससे पहले आए चक्रवात का नाम ताउते था जिसका सुझाव म्‍यांमार ने दिया था। लिस्‍ट में अगले चक्रवात का नाम 'गुलाब' है जो पाकिस्‍तान ने दिया है।


कहां बना है यह चक्रवात? किस तरफ जाएगा?

  • मौसम विभाग ने सोमवार को चक्रवात की यह तस्‍वीर जारी की है। इस वक्‍त यह चक्रवात ओडिशा के पारादीप से 540 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में है। पश्चिम बंगाल के दीघा से इसकी दूरी फिलहाल 630 किलोमीटर है।
  • IMD ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्‍न दबाव का एक क्षेत्र चक्रवाती तूफान 'यास' में बदल रहा है। अब उत्‍तर-उत्‍तरपश्चिम की तरफ बढ़ते हुए मंगलवार तक भारी चक्रवाती तूफान में तब्‍दील हो जाएगा। बुधवार सुबह तक यह चक्रवात बेहद भयंकर हो जाएगा।

क्‍या रहेगा चक्रवात 'यास' का रूट?

जो अनुमान है, उसके हिसाब से यह चक्रवात 26 मई की दोपहर तक ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट से टकराएगा। इसके बाद इसका यह झारखंड की ओर बढ़ेगा।

चक्रवाती तूफान 'यास' की रफ्तार क्‍या होगी?

तट से टकराने के समय 'यास' की रफ्तार 155-165 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच रहने की का अनुमान है। IMD भुवनेश्‍वर के उमाशंकर दास ने कहा कि लैंडफॉल के दौरान 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

कहां-कहां दिखेगा इस तूफान का असर?

  • IMD ने जो मैप जारी किया है उसके मुताबिक, चक्रवात का सबसे ज्‍यादा असर तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल में देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी इसका अच्‍छा-खासा प्रभाव रहेगा। बिहार, झारखंड और केरल के तटवर्ती इलाकों, उत्‍तर प्रदेश के कुछ हिस्‍सों पर भी प्रभाव नजर आ सकता है।
  • मौसम विभाग ने बालासोर, भद्रक, केंद्रपुरा और मयूरभंज समेत उत्‍तरी ओडिशा के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है। बुधवार को इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
  • पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर, उत्‍तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली जिले में मंगलवार और बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। IMD के अनुसार, 26 और 27 मई को मुर्शिदाबाद, मालदा, दक्षिण दिनाजपुर, बीरभूम, बांकुरा, पुरुलिया और बर्धमाल जिलों में भी भारी बारिश होगी।


तूफान के चलते कौन कौन सी ट्रेनें बंद?

चक्रवात को देखते हुए कई रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया है। रेलवे ने एक-दो नहीं, बल्कि कुल मिलाकर करीब 86 ट्रेनें रद्द की हैं।

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