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ग्राम पंचायत चुनाव में शुरू हुआ मौत का सिलसिला नहीं रूक रहा, अब तक नहीं पहुंची जांच टीम

 मुल्क तक न्यूज़ टीम, आजमगढ़.  उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के ठेकमा ब्लाक के सरावां गांव में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान शुरू हुआ लोगों के मरने का क्रम आज भी जारी है। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारी से ग्रसित होकर मरने वालों में कई युवा भी शामिल हैं।

गांव के तीन परिवार के दो-दो सदस्यों की मौत चार दिन के भीतर हो गई। जबकि एक ही दिन में चार लोगों की मौत ने सभी को झंकझोर कर रख दिया। गांव में भय और दहशत का माहौल है कि लोग एक दूसरे के घर आने-जाने से परहेज कर रहे हैं। लालगंज-भीरा मुख्य मार्ग पर स्थिति सरावां गांव विकास खंड ठेकमा में आता है। जबकि तहसील लालगंज है। तहसील मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर स्थिति सरावां गांव की आबादी करीब आठ हजार है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान गांव में जमकर प्रचार हुआ। इस दौरान लोगों का गांव में एक दूसरे के यहां दिन रात आना-जाना था। जब चुनाव प्रचार जोर पकड़ा। इसी बीच प्रधान पद के प्रत्याशी नीलम सिंह की मौत हो गई। बुखार और सर्दी की वजह से नीलम की मौत होने से हर कोई परेशान हो गया। गांव में करीब 45 दिन के भीतर हुई 30 लोगों की मौत में ज्यादातर युवा और अधेड़ शामिल हैं। असमय इतने लोगों की मौत हो जाने से गांव में भय और दहशत का माहौल है। 


तीन परिवार के दो-दो सदस्यों की हुई मौत

आजमगढ़ जिले के सरावां गांव में तीन परिवार ने अपने घर के दो-दो सदस्यों को महज चार दिन के अंतराल पर खो दिया है। इसमें प्राइवेट स्कूल के प्रिंसपल विनय सिंह की मौत के चार दिन के भीतर उनकी पत्नी माया सिंह की मौत हो गई। शुक्लाचंद के घर एक ही दिन में मां और बहन की मौत ने सबको झकझोर दिया। लोग अभी यह सदमा भूल पाते कि एक दूसरे परिवार में दो सदस्यों की मौत हो गई। 17 मई को आक्सीजन की कमी के चलते विनोद सिंह चल बसे। 


अब तक गांव में नहीं पहुंची जांच टीम

सरावां गांव से सीएचसी बरदह और ठेकमा की दूरी करीब आठ किलोमीटर है। जबकि सीएचसी लालगंज की दूरी छह किलोमीटर है। सरावां गांव के लोग सीएचसी लालगंज से ही सारा स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। गांव वालों के मुताबिक गांव में सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित होकर अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, स्वास्थ्य विभाग को सूचना भी दी गई, लेकिन अब तक ना तो स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची, ना ही राजस्व विभाग की टीम ही पहुंची है। 


साफ-सफाई पर दिया जा रहा ध्यान

सरावां गांव में पंचायत चुनाव के बाद अब तक हुई करीब 30 लोगों की मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य या राजस्व विभाग की टीम तो मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रधान संध्या सिंह के पति जो प्रधान के सारे कामकाज देखते हैं। संजय सिंह  सेनिटाइज करवा रहे हैं। साथ ही साफ-सफाई आदि की व्यवस्था भी करवा रहे हैं। संजय सिंह का कहना है कि गांव वालों ने मुझपर भरोसा जताया है तो उनकी सेवा तो करना ही है। 


 संध्या सिंह, ग्राम प्रधान, सरावां का कहना है कि गांव में 45 दिन के भीतर करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में एक ही दिन पांच लोगों की मौत ने बहुत दुखी कर दिया। कहने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। साफ-सफाई और दवा का छिड़काव करवाया जा रहा।

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