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अच्छी खबर! कोरोना काल में भक्त बाबा वैद्यनाथ के कर सकेंगे लाइव दर्शन

रांची। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए इस बार श्रावणी मेला स्थगित कर दिया गया है। दूसरी ओर देवघर जिला प्रशासन विभिन्न राष्ट्रीय और स्थानीय टीवी चैनलों के माध्यम से बाबा वैद्यनाथ का लाइव दर्शन सुनिश्चित करायेगा। देवघर के टावर चौक, वीआईपी चौक, बस स्टैंड आदि कई स्थानों पर बड़ी स्क्रीन से बाबा के दर्शन होंगे। 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार को निर्देश दिया है कि देवघर या दुमका की सीमा में किसी भी राज्य की बस को प्रवेश नहीं दिया जाए। शिव-गंगा में किसी को स्नान करने की इजाजत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सावन में पूरे देश से श्रद्धालु बाबाधाम और बासुकीनाथ आते हैं। इस दौरान और मंदिर में कहीं भी भीड़ न लगे यह सुनिश्चित करना होगा। 

श्रावणी मेला का आयोजन संभव नहीं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना काल में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए इस साल श्रावणी मेला स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व्यवस्था और परंपरा को स्थगित रखते हुए काम करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक एमवी राव, पर्यटन सचिव पूजा सिंघल, उपायुक्त देवघर नैंसी सहाय, उपायुक्त दुमका बी राजेश्वरी आदि मौजूद रहे।

हाई जेनिक होगा मंदिर परिसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण के कारण श्रद्धालु मंदिर नहीं आ रहे हैं। सिर्फ पुजारी भगवान की आराधना कर रहें हैं। ऐसे में जिला प्रशासन दुमका और बासुकीनाथ मंदिर के भीतरी और बाहरी परिसर का निरीक्षण करे। उन्होंने आवश्यकतानुसार निर्माण, बदलाव और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विकास जल्द करने का निर्देश दिया। रंग रोगन करके बाबा मंदिर और बासुकीनाथ मंदिर को और भव्य बनाया जाएगा।  मंदिर परिसर को हाईजेनिक बनाने का निर्देश भी सीएम ने दिया है। सीएम खुद मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश : 
-शिव-गंगा में किसी को स्नान करने की अनुमति नहीं
-श्रद्धालुओं की भीड़ न लगे कहीं
-किसी भी राज्य से बस देवघर और दुमका की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी
-राज्य भर में सूचना पट्ट के माध्यम से श्रावणी मेला स्थगित होने की दी जाएगी जानकारी
-पंडा समाज के लोग और जन प्रतिनिधियों का सहयोग लें
-पूरी सतर्कता और तय समय में प्रोटोकॉल का तहत पूजन का कार्य सुनिश्चित हो
-अन्य गतिविधियों पर पूर्ण पाबंदी रखें

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