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कानपुर मुठभेड़ पर CM योगी आदित्यनाथ सख्त, तुरंत रिपोर्ट मांगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार देर रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। इस फायरिंग में बिल्हौर सीओ देवेंद्र कुमार मिश्र, शिवराजपुर एसओ महेश यादव समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इनके अलावा चार पुलिसकर्मी और गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कानपुर में हुई इस बड़ी घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं। सीएम योगी डीजीपी और अपर मुख्य सचव गृह से लगातार बात कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। सीएम ने इस मामले में तुंरत रिपोर्ट मंगवाई है। वहीं, सीएम ने इस मुठभेड़ में मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है।

मुठभेड़ में इन पुलिसकर्मियों की हुई मौत
वेंद्र कुमार मिश्र, सीओ बिल्हौर
महेश यादव, एसओ शिवराजपुर
अनूप कुमार, चौकी इंचार्ज मंधना
नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर
सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर
राहुल ,कांस्टेबल बिठूर
जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर
बबलू कांस्टेबल बिठूर

कौन है हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा, वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। इसके अलावा कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है।

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