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दिल्ली-NCR में दो से तीन दिन आंधी और बारिश का सिलसिला रहेगा जारी

नई दिल्ली। पूरब दिशा से आने वाली हवाओं ने राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत दी है। सुबह से ही हवा के रुख में हुए बदलाव के चलते एक दिन पहले की तुलना में तापमान में चार से पांच डिग्री तक की गिरावट आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक बीच-बीच में आंधी-पानी का क्रम बना रहेगा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 
दिल्ली के लोग पिछले तीन दिनों से झुलसाने वाली लू का सामना कर रहे थे। दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से लेकर छह डिग्री तक ज्यादा चल रहा था। यहां तक कि इस साल लोगों ने बीते साल सालों में सबसे ज्यादा लू का सामना किया। लेकिन, गुरुवार की सुबह दिल्ली वालों के लिए राहत की सांस लेकर आई। सुबह से ही हवा के रुख में बदलाव देखने को मिला। अभी तक दिल्ली में हवा राजस्थान और पश्चिम की ओर से आ रही थी। इसके चलते हवा में पश्चिमी क्षेत्रों में चल रही लू का पूरा असर मौजूद था। लेकिन, अब हवा की दिशा पूरब की ओर से हो गई है। इसके चलते हवा में पहले की तुलना में ज्यादा नमी मौजूद है और इसमें पश्चिमी हवाओं की तरह तपिश भी मौजूद नहीं है। इसका तत्काल असर मौसम के मिजाज पर देखने को मिला है। 

राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार के दिन लू के थपेड़े चलते रहे थे। दिल्ली के मानक सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा रहा था तो पालम केन्द्र में तापमान सामान्य से छह डिग्री ज्यादा रिकार्ड किया गया था। लेकिन, इन सभी जगहों पर गुरुवार के दिन मौसम में नरमी का रुख रहा। दिल्ली के सफदरजंग स्थित मौसम केन्द्र में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो कि इस मौसम का सामान्य तापमान है। यहां पर न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है। वहीं, पालम केन्द्र में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, आयानगर में 40.4 डिग्री सेल्सियस और लोधी रोड केन्द्र पर अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से गुरुवार की रात को भी तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने का अनुमान है। जबकि, इस दौरान कहीं-कहीं गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। 

सप्ताह भर नरम रहेगा मौसमः
दिल्ली वालों के लिए राहत की बात यह है कि अब सप्ताह भर तक झुलसाने वाली तेज गर्मी पड़ने के आसार कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले दो दिन यानी शुक्रवार और शनिवार के दिन पचास से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक होने के भी आसार हैं। अगले दोनों दिन के लिए मौसम विभाग की ओर से ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, शनिवार के बाद भी मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ का असर मौजूद रहेगा। अगले सप्ताह भर के अंदर अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। जबकि, दो तारीख के बाद इसमें फिर से इजाफा होना शुरू होगा। हालांकि, तीन तारीख को भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंचने का अनुमान है। 

धूल भरी आंधी से बढ़ेगी परेशानीः
दिल्ली के लोगों को भीषण गर्मियों से तो राहत मिल रही है लेकिन वातावरण में बढ़ने वाली धूल के चलते लोगों की परेशानी भी बढ़ेगी। धूल कणों की मात्रा बढ़ने के चलते प्रदूषण के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। केन्द्र द्वारा संचालित संस्था सफर के मुताबिक अरब और राजस्थान की ओर से आने वाला धूल का तूफान एक बड़े हिस्से को अपनी जकड़ मे लेने वाला है। दिल्ली पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। इसके चलते धूल भरी आंधी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक गुरुवार के दिन औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है। सफर का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच वायु गुणवत्ता का रुख इसी के आसपास रहने की संभावना  है। 

एक दिन पहले से तुलना
स्थान----27 मई-----28 मई
सफदरजंग---45.9----40.3
पालम----47.2-----41.8
आयानगर----46.7----40.4
लोधी रोड----45.1----38.4

उत्तर भारत में तापमान गिरेगा
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में निम्न दबाव क्षेत्र और कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप उत्तर भारत में अगले दो-तीन दिन में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। उत्तर भारत इस समय गर्मी से तप रहा है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है।

पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार को ओलावृष्टि और तेज बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में तूफान की आशंका है।  उत्तराखंड में बीते बुधवार की शाम से ही मौसम में बदलाव होने लगा था। गुरुवार को भी कई जगह बारिश हुई, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश की संभावना जतायी है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार 29 से 31 मई तक प्रदेश में कई जगह मध्यम स्तर तक बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होगी, जबकि आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। 

वहीं मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झक्कड़ आ सकता है। 31 मई को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज बारिश होने की संभावना है। जबकि मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। वहीं एक जून को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान प्रदेश में कुछ जगह विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम स्तर तक बारिश हो सकती है। 

बदरीनाथ, हेमकुंड की पहाड़ियों पर हिमपात
गोपेश्वर। बदरीनाथ, हेमकुंड की पहाड़ियों पर हल्का हिमपात हुआ। पहाड़ियों पर हिमपात से धाम में ठंड बढ़ गई है। बदरीनाथ पुरी में वर्षा भी हुई। गुरुवार को सुबह से ही बदरीनाथ की नर-नारायण और नीलकंठ की पहाड़ियों पर हिमपात हुआ। हेमकुंड साहब मे भी हिमपात हुआ। यहां पहले से ही कई फिट बर्फ जमी है। रुद्रनाथ की पहाड़ियों पर भी हिमपात हुआ है।

पंजाब और हरियाणा में बारिश से पारा लुढ़का
पंजाब और हरियाणा में गुरुवार को हल्की बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत प्रदान की। दोनों ही राज्यों के ज्यादातर इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम है।

मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान 35.4 तो अंबाला में 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से क्रमश: चार और तीन डिग्री सेल्सियस कम है। हालांकि, नारनौल और हिसार गुरुवार को भी गर्मी से तपते रहे। दोनों शहरों में पारे में गिरावट के बावजूद अधिकतम तापमान क्रमश: 43.8 और 44.1 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

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