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दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गाजीपुर में जुटी प्रवासी मजदूरों की भीड़, लॉकडाउन के नियमों की उड़ी धज्जियां

नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ देखी जा रही है। गाजीपुर में बड़ी संख्या में मजदूर जुट गए हैं। मिला जानकारी के मुताबिक, औरैया सड़क हादसे के बाद यूपी सरकार के उस आदेश के बाद यह भीड़ जुटी है जिसमें कहा गया है कि जो मजदूर पैदल जा रहे हैं उन्हें प्रशासन बस उपलब्ध कराएगी।
समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार, बॉर्डर पर मजदूर लाइन लगाकर बस का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह घर जाने चाहते हैं। 
लॉकडाउन के नियमों की उड़ी धज्जियां
गाजीपुर में जुटी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी को कोरोना संक्रमण का कोई डर नहीं हैं। लॉकडाउन के नियमों की लोग खुले तौर पर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कोई शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। 

औरैया सड़क हादसे में 26 मजदूरों की मौत
बता दें कि कोरोना महामारी के कारण घर लौट रहे कामगारों पर शुक्रवार रात 2:55 बजे यूपी औरैया जिले के पास ढाबे पर खड़े ट्राले को डीसीएम ने पीछे से जबर्दस्त टक्कर मार दी थी। हादसे में 26 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 42 घायल हैं। पांच की हालत गंभीर है। मृतकों में तीन उत्तर प्रदेश, एक मध्य प्रदेश, दो बिहार, आठ झारखंड, चार बंगाल के हैं। आठ अज्ञात हैं। इस हादसे के बाद यूपी सरकार ने आदेश दिया है कि जिस भी इलाके में मजदूर ट्रक, निजी वाहन या फिर पैदल जा रहे हैं उन्हें रोका जाए। 

दिल्ली सरकार ने पुलिस से कहा मजदूरों को पैदल न चलने दें
उधर, प्रवासी कामगारों को लेकर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार शनिवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) ने दिल्ली के स्टेट नोडल अधिकारी और सभी जिला अधिकारी एवं समकक्ष पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए। इसमें प्रवासी कामगारों को सड़क या रेल पटरी पर पैदल न चलने देने को कहा गया है। आदेश के अनुसार सड़क या पटरी पर चलते मिलने पर प्रवासी कामगारों को समझा कर पास के शेल्टर होम में ठहराने और उनके खाने पीने का इंतजाम करने को कहा गया है। जब तक कि उनको घर जाने के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेन में नहीं बैठा दिया जाता।

इसके लिए रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों से सामंजस्य बनाने को को कहा गया है। इसके लिए दिल्ली स्टेट के नोडल अधिकारी पीके गुप्ता और दिल्ली पुलिस के नोडल अधिकारी स्पेशल कमिश्नर समेत सभी जिला अधिकारियों और उनके समकक्ष दिल्ली के डीपीसी को आदेश दिए गए हैं।

किसी भी जिले से श्रमिक ट्रेन चलाने को रेलवे तैयार
उधर, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलवे किसी भी जिले से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को तैयार है। इसके लिए जिलाधिकारियों को जिले में फंसे प्रवासी मजदूरों की सूची के साथ प्रदेश के नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन करना होगा। रेलमंत्री पिछले कुछ दिनों से राज्य सरकारों से अन्य ट्रेनों को स्वीकृति देने की अपील कर हैं ताकि फंसे हुए श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने राजस्थान, झारखंड और बंगाल से खासतौर से अपील की है।

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