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31 दिन तक प्रतिबंधित रहने के बाद राजधानी देहरादून का एक क्षेत्र हुआ प्रतिबंध मुक्त

देहरादून. कोरोना संक्रमित मिलने पर 31 दिन तक प्रतिबंधित रहे लक्खीबाग को गुरुवार को खोल दिया गया। प्रतिबंध के दौरान 'कैद' रहे लोगों के चहरे पर कोरोना संक्रमण और प्रतिबंध को लेकर मंडरा रहा डर गुरुवार को खुशी में बदल गया।
यहां प्रतिबंध खुलते ही लोगों को लाइफ लाइन दौड़ पड़ी। कोई अपनी गाड़ी का पास बनाने, कोई काम पर तो कोई अन्य बाहर में निकला। वहीं गलियों में बाहर बैठकर लोग चर्चा में मशगूल नजर आए। जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को लक्खीबाग का प्रतिबंध खोलने का आदेश जारी किया। प्रतिबंध खुलने पर खुलने पर मंगलवार को हिन्दुस्तान टीम ने कॉलोनी में लोगों से प्रतिबंधि अवधि के अनुभवों पर बात की।

इस दौरान अधिकांश ने यही कहा कि 31 दिन कैद रहने का मलाल नहीं है। लॉकडाउन के दौरान कॉलोनी में कोई संक्रमित नहीं मिला और सभी ने सुरक्षित रहकर प्रतिबंध पर जंग जीती यही सबसे बड़ी खुशी है। चार अप्रैल तक को इस कॉलोनी को प्रतिबंधित किए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस ने यहां राशन समेत अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति संभाली हुई थी।

मंगलवार दोपहर जैसी ही कॉलोनियों के अलग-अलग रासतों के बैरिकेडिंग खुले तो लोगों में खुशी की लहर सी दौड़ पड़ी। कई लोग अपने घरों के बाहर निकले और एक दूसरे चर्चा की। वहीं गलियों में आवाजाही होते देखकर घरों की खड़कियों से बच्चे भी झांकते नजर आए।

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