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थोड़ी सी ढील को पूरी आजादी समझ रहे लोग, बेवजह घूम रहे सड़कों पर

जालंधर, शहर में कोरोना वायरस के चलते लगे कर्फ्यू में परेशान हो रहे लोगों को थोड़ी सी राहत देना पुलिस और जिला प्रशासन को महंगा पड़ सकता है। सुविधा के लिए मिली थोड़ी ढील को लोगों ने अपनी आजादी समझ लिया। शुक्रवार सुबह सड़कों पर भीड़ ऐसे दिखाई दी, जैसे कोरोना वायरस खत्म हो चुका है और सरकार ने कर्फ्यू खोल दिया है। राशन इत्यादि जरूरी चीजों के लिए निकले लोगों का तो समझ में आ रहा था, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जो सिर्फ इसलिए घूम रहे थे की सरकार ने ढील दी हुई है। 
ज्योति चौक, नकोदर चौक, बस्ती अड्डा चौक, पटेल चौक, गोपाल नगर, मोहल्ला करार खां, गांधी कैंप सहित अन्य कई इलाकों में भीड़ जुटी हुई थी। गली मोहल्लों की दुकानें खोलने की इजाजत मिली हुई है लेकिन दुकानों पर खरीदारी करने वाले लोग शारीरिक दूरी का भी ख्याल नहीं रख रहे थे। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का कहना था कि लोगों को सुविधा के लिए छूट दी गई है, लेकिन उनको मास्क और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। ऐसा ना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शेखां बाजार में हंगामा, क्वारेंटाइंन की गई महिला ने लोगों को निकाली गालियां
अली मोहल्ला के बाजार शेखां में उस समय हंगामा हो गया जब मेडिकल विभाग की तरफ से क्वारेंटाइन की गई एक महिला ने जमकर हंगामा कर दिया। लोगों के घरों पर थूक फेंकने के साथ-साथ गालियां भी निकालती जा रही थी। ऐसे में लोगों ने पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंची थाना चार की पुलिस को दी शिकायत में मोहल्ला निवासी विक्की, केवल, सनी ने बताया कि उक्त महिला और उसका परिवार दो महीने पहले यहां पर किराए पर रहते थे। महिला और उसका परिवार कुछ समय पहले राजस्थान चला गया और बुधवार रात को चुपचाप आकर उसी मकान में घुस गया।
मकान मालिक जिम्मी ने बताया कि उनके घर की चाबी वहां पर स्थित एक धार्मिक स्थल में पड़ी होती है। वहीं से महिला ने चाबी ली और आकर बैठ गई। मोहल्ले वालों ने जब पुलिस और मेडिकल स्टाफ को सूचित किया तो उनको क्वॉरेंटाइन किया गया। लेकिन उक्त महिला मोहल्ले वालों को दोषी समझ गालियां निकालने लगी और थूक फेंकने लगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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