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न डॉक्टर न दवा: आगरा के मनोज ने कुछ ऐसी जीती कोरोना वायरस से जंग

आगरा। आगरा के कस्बा ककुआ के हार्डवेयर व्यवसाई मनोज अग्रवाल कोरोना को शिकस्त देकर शनिवार को घर पहुंच गए। गांव वालों ने उनका थाली और तालियां बजाकर स्वागत किया। मनोज ने बताया कि वायरस को हराने के लिए उन्हें किसी तरह की दवाई नहीं दी गई। डॉक्टर भी देखने नहीं आए। सिर्फ एकांत में रखा गया और पौष्टिक खाना दिया गया। 
ककुआ में 18 दिन पहले मनोज अग्रवाल पॉजिटिव आए थे। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया। मनोज ने बताया कि उनकी चार रिपोर्ट नैगेटिव आई थीं। लिहाजा शनिवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दौरान उन्हें सिर्फ क्वारंटाइन रखा गया। अस्पताल में किसी तरह का इलाज नहीं किया गया। सुबह खाने में चावल या दलिया दिया। दोपहर और रात को सादा खाना दिया गया। एक महिला आती थी, जो सफाई आदि करके चली जाती थीं। वही कभी हालचाल पूछ लेती थीं। कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। चूंकि कोई दिक्कत नहीं थी, इसलिए किसी तरह की दवा भी नहीं दी गई। मनोज को जब एंबुलेंस से गांव में छोड़ा गया तो ग्रामीण और ककुआ चौकी के पुलिस स्टाफ ने उन्हें उनके घर की चाबी सौंपी। ताली और थाली बजाकर पूरे गांव ने उनका स्वागत किया। घर को सेनेटाइज कराया गया। ग्राम प्रधान बलवीर सिंह, पूर्व प्रधान सुखपाल सिंह, चौकी प्रभारी विधान चंद कुशवाहा, हेड कांस्टेबल आमोद तिवारी, दिलीप सहित चौकी का स्टाफ और ग्रामीणों ने ताली बजाकर स्वागत किया। 

सीकरी से 10 डिस्चार्ज, अब आठ मरीज
दुल्हारा रोड पर रासा इंटरनेशनल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में सीकरी कस्बा के दो मरीजों समेत कुल आठ संक्रमित मौजूद हैं। उनके सैंपल लिए गए हैं, रिपोर्ट का इंतजार है। आगरा निवासी 10 संक्रमित शनिवार को डिस्चार्ज कर दिए गए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकेश चौधरी ने बताया कि रासा में भर्ती 60 मरीजों में से दो बार में 52 मरीजों की अभी तक छुट्टी हो चुकी है। अब सिर्फ आठ मरीज शेष हैं।

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