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केंद्रीय मंत्री मुंडा बोले- कोरोना से निपटने पर ध्यान दे सोरेन सरकार

रांची. केंद्र सरकार में मंत्री अजुर्न मुंडा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र राज्य के साथ खड़ा है, लेकिन राज्य सरकार को अपनी कमियां दूर करनीं चाहिए। हेमंत सोरेन सरकार को केंद्र की सहायता लेकर वैश्विक महामारी से झारखंड की जनता को बचाने की रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने राजनीति से दूर रहकर कोरोना से निपटने पर राज्य सरकार को ज्यादा फोकस करने की सलाह दी।
अजुर्न मुंडा ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के तौर पर वह राज्य सरकार की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं। झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अजुर्न मुंडा ने कहा कि झारखंड में मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी है। न पयार्प्त क्वारंटाइन सेंटर बन पाए हैं और न ही गरीबों को ठीक से राशन मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहते हैं कि झारखंड 90 प्रतिशत केंद्र की मदद पर निर्भर है, इस सवाल पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अजुर्न मुंडा ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी मदद कर रही है। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी और काम के घंटे बढ़ाए हैं। झारखंड के प्रवासियों के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल ट्रेन चलाई। जरूरत पड़ने पर राज्य के सभी सांसद गृहमंत्री से भी मिलेंगे।

संकट की घड़ी में आपसी सहयोग से करें काम
अजुर्न मुंडा ने कहा कि मैं झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार से भी आग्रह करता हूं कि इस संकट की घड़ी में हमें राजनीति से दूर रहकर आपसी सहयोग के साथ झारखंड के हितो की रक्षा करनी चाहिए। राज्य सरकार को चाहिए कि वह अपनी पूरी सरकारी मशीनरी को अपग्रेड कर कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए प्रयास करे। हमे राज्य के आपदा प्रबंधन के साथ हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को अब और भी अधिक विकसित करना चाहिए। हेमंत सोरेन सरकार कोरोना की चुनौती से झारखंड को बचाने में कितनी सफल हुई है, यह पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री अजुर्न मुंडा ने कहा कि राज्य में वायरस से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार भोजनए दवाई उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की कठिनाई दूर कर रही है।

मुख्यमंत्री खुद करें मॉनिटरिंग
अजुर्न मुंडा ने कहा कि मगर कुछ समस्याओं का समाधान राज्य सरकार को ही करना है जैसे- हॉस्पिटल की ओपीडी बंद है। टेस्टिंग के लिए पयार्प्त किट नहीं है। हॉस्पिटल में मेडिकल सुविधायों की भारी कमी है। राज्य में पयार्प्त क्वारंटाइन सेंटर नहीं बन पाए हैं। गरीबो को राशन मिलने में कठिनाइयां आ रही हैं। बाहर के प्रवासी मजदूर जो झारखंड आ रहे हैं, उनकी व्यवस्था राज्य सरकार और दुरुस्त करे। राज्य सरकार प्रयास करे कि जो अव्यवस्थायें हो रही हैं उनको कैसे व्यवस्थित किया जाए। मुख्यमंत्री को खुद मॉनीटरिंग करनी चाहिए।

कारोबारियों के सामने भी संकट
केंद्रीय मंत्री अजुर्न मुंडा ने झारखंड में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने प्रयास के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैंने लॉकडाउन के दौरान झारखंड के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और कारोबारियों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं। मैने अब तक झारखंड के बाहर लगभग पांच हजार जरूरतमंदों की सहायता की। अजुर्न मुंडा ने कहा कि झारखंड में कल-कारखाने बंद होने से कारोबारियों के सामने भी संकट है। फिर भी राज्य सरकार उनसे बिजली बिल वसूल रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बात के दौरान सकारात्मक आश्वासन मिला है। कोविड 19 की जांच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से भी बात की है। कुछ सरकारी अस्पतालों में ओपीडी न चलने और खाद्यान्न की समस्या पर मुख्यमंत्री से बात हुई है।

अजुर्न मुंडा ने कहा कि मैं राज्य सरकार को अपील करता हूं कि वह इस विषय पर उचित और तार्किक कदम उठाए और केंद्र सरकार में मंत्री होने के नाते उन्हें मेरी जो सहायता चाहिए झारखंड वासियों के हित के लिए मैं सदैव तत्परता के साथ तैयार हूं।

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