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किसानों ने 4 लाख करोड़ का सस्ता कर्ज लिया - वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार की तरफ से ऐलान किए गए 20 लाख करोड़ की दूसरी किश्त के बारे में गुरुववार को ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों के खाते में सबसे पहले मदद पहुंचाई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि किसानों ने 4 लाख करोड़ का सस्ता कर्ज लिया है।
निर्मला ने कहा कि इससे 3 करोड़ किसानों को सस्ते दरों पर कर्ज का फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि 25 लाख नए किसान कार्ड दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 3 महीने में 86 हजार करोड़ के ऋण दिए गए हैं। राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ की मदद की है।

वित्तमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 86,600 करोड़ के लोन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल तक 63 लाख लोन मंजूर किए गए हैं। निर्मला ने कहा कि कृषि उत्पादों के जरिए राज्य सरकारों ने किसानों की मदद की है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने 29,500 करोड़ की ग्रामीण बैंकों को मदद दी है।निर्मला ने कहा कि शहरी गरीबों के लिए 11 हजार करोड़ की मदद दी गई है। शहरी गरीबों को शेल्टर और खाना मुहैया कराया गया है।

श्रमिकों पर खास ध्यान, बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी
निर्मला ने प्रवासी मजदूरों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। मजदूरों के लिए एसडीआरएफ की इजाजत दी गई है। आरआडीएफ के तहत 4200 करोड़ रुपये की मदद दी गई है।

अब तक मनरेगा पर 10 करोड़ खर्च किया गया है। 2.33 करोड़ मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया गया है। श्रमिकों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव खत्म करेंगे। मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़कार 202 रुपये कर दी गई है। मजदूरों की सालाना स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। गांव के आधारभूत ढांचे के लिए 4200 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।

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