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कोरोना का असर: सुप्रीम कोर्ट में इस बार गर्मी की छुट्टी नहीं होने के संकेत, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा काम

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट यानी उच्चतम न्यायालय ने संकेत दिया है कि 18 मई से होने वाला डेढ़ माह का ग्रीष्मावकाश इस बार नहीं होगा क्योंकि पांच नियमित बेंच सोमवार से बैठना शुरू होंगी। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए ये बेंच वीडियो कांफ्रेंसिंग तकनीक के जरिए सुनवाई करेंगी।
कोरोना महामारी लॉकडाउन के चलते उच्चतम न्यायालय पिछले 22 मार्च से अर्जेंट मामलों की वीडियो कांफ्रेंसिंग तकनीक के जरिए सुनवाई कर रहा है। इस दौरान दो या तीन बेंचें बैठ रही थीं और उनमें पांच से दस मामले की ही सुनवाई हो रही थी। इस कारण कोर्ट में मुकदमे ज्यादा लंबित हो गए हैं, इसी को दूर करने के लिए छुट्टियों में पांच बेंच लगाने का फैसला किया गया है। कोर्ट कार्य समिति के अध्यक्ष ने कहा है कि सोमवार से पांच बेंच कोर्ट रूम में बैठेंगी और वकील अपने चैंबर से उनमें पेश हो सकेंगे।

दो हफ्तों तक सीमित हो सकता है अवकाश
समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को दे दी है। इसमें सुझाव दिया गया है कि छह हफ्तों की गर्मियों की छुट्टी को पूरी तरह से समाप्त किया जाए या इसे दो हफ्तों तक सीमित कर दिया जाए। इसमें यह भी कहा गया है कि छुट्टियों को किसी और माह में शिफ्ट भी किया जा सकता है। वकीलों को चैंबर से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने के लिए चैंबरों को खोला जाएगा जो पिछले डेढ़ माह से लॉकडाउन के चलते बंद हैं। 

वकील चैंबर खोलने की काफी समय से मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि अनेक उच्च न्यायालय ने इस बार ग्रीष्मावकाश को समाप्त कर दिया है। उन्होंने अपने मातहत जिला अदालतों को भी छुट्टियां बंद करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और अन्य बार ने उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया था कि इस बार ग्रीष्मावकाश न किया जाय। उच्चतम न्यायालय में लगभग 60 हजार केस लंबित हैं।

जज, वकीलों को काले कोट-गाउन से छुट्टी
कोराना महामारी के कारण उच्चतम न्यायालय ने जज और वकीलों को फिलहाल काले कोट व गाउन से छुट्टी दे दी है। अब वकील बिना काले कोट और गाउन के प्लेन सफेद शर्ट पर नेकबैंड पहन कर कोर्ट में पेश हो सकते हैं। इससे पूर्व सुबह सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि कोट व गाउन से वायरस संक्रमण का ज्यादा खतरा है। जस्टिस बोबडे स्वयं कोट और गाउन पहनकर नहीं आए थे । सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहला मौका था जब जज कोर्ट में बिना काले कोट और गाउन के बैठे।

उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने शाम को एक सर्कुलर में कहा कि कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए परिधान में बदलाव की यह व्यवस्था की गई है। अगले आदेश तक वकील काला कोट और गाउन नहीं पहनेंगे। महिला वकील सफेद सलवार सूट या सफेद साड़ी पहनेंगी, उसके ऊपर वे काला कोट और गाउन नहीं पहनेंगी। इससे पूर्व उच्चतम न्यायालय स्टाफ को 24 अप्रैल को ही कोट पहनने से मना कर दिया गया था।

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